पटियाला पुलिस द्वारा एक साल में 1600 से अधिक एफआईआर दर्ज – वरुण शर्मा
नशा तस्करी की सप्लाई चेन तोड़ने में पटियाला पुलिस आगे – एसएसपी
एसएचओ काहलो की कार्रवाई चर्चा में, डड्डू बैठकें बनीं उदाहरण
पटियाला, 26 अप्रैल, 2026 : पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे “नशों के खिलाफ युद्ध” के तहत फ्लैगशिप प्रोग्राम “संपर्क 2026” के अंतर्गत आज पटियाला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसएसपी श्री वरुण शर्मा, एसपी श्री वैभव चौधरी सहित पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों, गांवों से आए पंच-सरपंचों, वॉलंटियर्स और आम जनता ने भाग लिया।
एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य नशों के खात्मे के लिए चल रही मुहिम को और मजबूत बनाना तथा जनता से सीधा संपर्क स्थापित कर उनके सुझाव और फीडबैक प्राप्त करना है। इस दौरान पुलिस प्रशासन और जनता के बीच खुला संवाद किया गया, जिसमें नशों के खिलाफ लड़ाई को युद्ध स्तर पर लड़ने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
एसएसपी श्री वरुण शर्मा ने बताया कि पटियाला पुलिस द्वारा पिछले एक साल के दौरान 1600 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो नशा तस्करी और संबंधित अपराधों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह सफलता जनता के सहयोग के बिना संभव नहीं थी और भविष्य में भी लोगों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस केवल पारंपरिक तरीकों से ही नहीं, बल्कि नई रणनीतियां अपनाकर भी नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ रही है। सप्लाई चेन को तोड़ने के बाद भी संबंधित अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है ताकि वे दोबारा इस गैरकानूनी धंधे में शामिल न हो सकें।
बैठक के दौरान गांवों से आए पंचों और सरपंचों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया ताकि जमीनी स्तर पर नशों की स्थिति के बारे में सीधी जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्रवार फीडबैक लेते हुए संबंधित डीएसपी और एसएचओ को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
इस मौके पर एसएचओ जसप्रीत सिंह काहलो की भी सराहना की गई, जिन्होंने कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नई सोच के साथ कार्रवाई की, जिसमें गाड़ियों में शराब पीने वालों को सख्त सबक सिखाने के लिए “डड्डू बैठकें” करवाई गईं।
पुलिस प्रशासन ने नशा मुक्ति केंद्रों में अधिक से अधिक लोगों को दाखिल करवाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि नशे के आदी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
अंत में पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की कि यदि उनके संपर्क में कोई भी व्यक्ति नशा करता है या नशा तस्करी से जुड़ा हुआ है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक के दौरान आम लोगों की समस्याएं भी सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती।






