संगरूर, 25 अप्रैल 2026 : अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट संगरूर अंकुर महिंदरू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पतंग उड़ाने के लिए सिंथेटिक/प्लास्टिक/नायलॉन की बनी डोर (चाइना डोर) और मांझा (कांच के पाउडर, धातु या किसी नुकीले पदार्थ से लेपित धागा) की बिक्री, खरीद, भंडारण, आयात, सप्लाई और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेश में कहा गया है कि आजकल पतंग उड़ाने के लिए कपास की डोर के बजाय सिंथेटिक या प्लास्टिक की डोर और चाइना डोर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बेहद मजबूत, न गलने वाली और आसानी से न टूटने वाली होती है। यह डोर पतंगबाजी के दौरान लोगों के हाथ और उंगलियां काट देती है। इसके अलावा साइकिल और स्कूटर चालकों के गले और कान कटने की घटनाएं भी सामने आई हैं, साथ ही उड़ते पक्षियों के इसमें फंसने से उनकी मौत तक हो जाती है।
डोर में फंसे मृत पक्षियों के पेड़ों पर लटके रहने से दुर्गंध फैलती है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इस प्रकार यह सिंथेटिक/प्लास्टिक डोर मानव जीवन और पक्षियों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
आदेश में आगे कहा गया है कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इस तरह की डोर और मांझे की बिक्री, खरीद, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाना आवश्यक है। यह आदेश 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।






