कोई भी जनप्रतिनिधि नशा तस्करों की जमानत में सहयोग न करे: डीसी
जिला प्रशासन का स्कूल-कॉलेजों में खेल व जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने पर जोर
फतेहाबाद, 22 अप्रैल 2026 (संजीव शर्मा) : जिला को नशा मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सकारात्मक प्रयास करने होंगे। यह निर्देश डीसी डॉ. विवेक भारती ने लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एनकोर्ड एवं नशा मुक्त भारत अभियान की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
डीसी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल व कॉलेजों में खेल प्रतियोगिताएं, स्लोगन लेखन व अन्य रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके। इसके साथ ओपन जिम स्थापित करने और विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर भी बल दें।
डीसी ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। डीसी ने सभी सरपंचों को निर्देश दिए कि गांवों में खेल सुविधाएं बढ़ाई जाएं और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। कोई भी जनप्रतिनिधि नशा तस्करों की पैरवी या जमानत में सहयोग न करे।
सीएमओ को निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि बिना डॉक्टर के पर्चे के किसी भी प्रकार की सिरिंज उपलब्ध न करवाई जाए और इसके उपयोग का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
डीसी ने कहा कि पंचायतों व वार्डों में खाली पड़ी इमारतों की नियमित जांच की जाए, ताकि इन स्थानों का दुरुपयोग न हो सके। नशा मुक्ति से संबंधित सभी गतिविधियों का नियमित फीडबैक भी लिया जाए।
डीसी ने कहा कि यदि किसी पेंशन लाभार्थी का नाम नशा तस्करी के मामलों में सामने आता है, तो उसकी पेंशन रोक दी जाएगी। साथ ही सभी विभागों में ड्रग कंट्रोल सेल का गठन कर दिया गया है, जो इस दिशा में निगरानी रखेगा। एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एसपी निकिता खट्टर ने बताया कि जिले में पुलिस की गश्त लगातार जारी है और किसी भी हालत में नशे की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से सिरिंज के उपयोग पर रोक लगाई जा रही है तथा खाली स्थानों और खंडहर इमारतों की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके। यदि किसी शैक्षणिक संस्थान के आसपास नशे की बिक्री की सूचना मिलती है तो तुरंत पुलिस को अवगत कराया जाए।
फोटो : लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एनकोर्ड एवं नशा मुक्त भारत अभियान की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी डॉ. विवेक भारती।






