अक्षय तृतीया के मद्देनजर बाल विवाह रोकने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जाखल, 11 अप्रैल 2026 (संजीव शर्मा) : गांव साधनवास तथा तलवाड़ा स्थित आईटीआई कॉलेज में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बाल विवाह, घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में बाल विवाह, घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा के दुष्परिणामों, संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा इन सामाजिक बुराइयों को रोकने में उनकी भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक तथा शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है जिसे रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी नाबालिग बच्चों की शादी की जानकारी मिलती है तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत दो साल और एक लाख रूपये तक सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव में जागरूकता की सबसे मजबूत कड़ी हैं। आप सभी अपने क्षेत्र में लोगों को समझाएं कि बाल विवाह से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। हमें मिलकर इस कुरीति को खत्म करना है और समाज को एक नई दिशा देनी है।
बाल विवाह निषेध अधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा बाल विवाह से संबंधित प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। अक्षय तृतीया के अवसर पर, विशेषकर 19 अप्रैल को, “अबूझ साया” होने की मान्यता के कारण विवाहों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में जिले के सभी पंडितों, पाठियों और गुरुद्वारा प्रबंधकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने अपील की कि कोई भी विवाह संपन्न कराने से पहले दोनों पक्षों की आयु की जांच अवश्य करें। यदि लड़की की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक और लड़के की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक हो, तभी विवाह संपन्न कराया जाए; अन्यथा तुरंत बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचना दी जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयु सत्यापन के लिए आधार कार्ड मान्य दस्तावेज नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र अथवा दसवीं कक्षा का स्कूल सर्टिफिकेट ही वैध दस्तावेज माने जाएंगे। साथ ही, बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की सूचना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, निकटतम थाना या चौकी, 1098 अथवा 112 पर दी जा सकती है।
कार्यक्रम में घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 तथा दहेज निषेध कानून के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य, स्टाफ, छात्र-छात्राएं, गांव की महिलाएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






