पटियाला , 21 जनवरी, 2026: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने राज्य में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संकट से निपटने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया है। भारत में कार्यरत 26 प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्माता और उत्पादक पंजाब में उत्पन्न ई-कचरे का ठीक से संग्रहण नहीं कर रहे और उचित पुनर्चक्रण सुनिश्चित करने में विफल रहने पर कारण बताओं नोटिस जारी किए गए।
अधिकांश प्रमुख उत्पादक एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (ईपीआर) पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अन्य राज्यों में स्थित पुनर्चक्रणकर्ताओं से प्रमाण पत्र प्राप्त करते हैं । जमीनी हकीकत यह है, कि पंजाब में बहुत कम ई-कचरा एकत्र या दोबारा उपयोग किया जाता है। पीपीसीबी की अध्यक्ष रीना गुप्ता ने कहा, “केवल कागजी अनुपालन को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” पंजाब से राजस्व अर्जित करने वाली कंपनियों को ई-कचरा प्रबंधन में प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए।
पंजाब वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों पर आधारित सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग शून्य पर्यावरणीय प्रभाव वाला एक बड़े पैमाने का, अत्याधुनिक ई-कचरा इको-पार्क स्थापित करने की योजना बना रहा है। सुनवाई के दौरान बोर्ड के समक्ष पेश होने वाली कंपनियों से इस सुविधा का समर्थन करने और पंजाब भर में ई-कचरा संग्रहण प्रणाली के संसाधनों को मजबूत करने के लिए कहा गया है, इससे उपभोक्ताओं के लिए कंडम इलेक्ट्रॉनिक सामान वापस करना आसान हो जाएगा। पीपीसीबी कंपनियों को पंजाब में स्थित अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से पुनर्चक्रण को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दे रहा है, जिससे राज्य में एक विश्वसनीय, वैज्ञानिक और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित तंत्र का निर्माण हो सके।






