पुलिस की कथित लापरवाही पर सख्त रुख
चंडीगढ़, 7 जनवरी 2026: पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों में पुलिस की कथित निष्क्रियता को गंभीरता से लेते हुए पटियाला जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और डीएसपी सिटी-1 को दो अलग-अलग मामलों में तलब किया है।
आयोग के चेयरमैन एस. जसवीर सिंह गढ़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि पटियाला जिले के गांव बलबेरा निवासी 70 वर्षीय राम प्रसाद पुत्र स्व. वासुदेव ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा गुरतेज सिंह 13 दिसंबर 2025 को दुकान पर काम के लिए निकला था, लेकिन करीब 11 बजे परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया, लेकिन सिविल लाइंस थाना पटियाला ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज करते हुए केवल सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की और अंतिम संस्कार करने के निर्देश दे दिए। जब परिवार को शव देखने की अनुमति मिली तो वह बुरी तरह जला हुआ पाया गया, जिससे मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
चेयरमैन ने कहा कि आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पटियाला पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के चलते डीएसपी सिटी-1 पटियाला सतनाम सिंह को 14 जनवरी 2026 को आयोग के समक्ष पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा एक अन्य मामले में धम्मू माजरा (पटियाला) निवासी सुखदीप कौर पत्नी सुखविंदर सिंह की शिकायत पर भी कार्रवाई न होने को लेकर आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में इंस्पेक्टर बलजीत सिंह के खिलाफ शिकायत लंबित है, जिस पर बार-बार निर्देशों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पटियाला की एसपी स्वर्णजीत कौर को भी 14 जनवरी 2026 को आयोग के समक्ष तलब किया गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






