पटियाला/अमृतसर: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता तलबीर सिंह गिल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा लगाए गए आरोपों और की गई बयानबाज़ी पर तीखा पलटवार किया है। गिल ने बादल और विधायक गनीव कौर को चुनौती देते हुए कहा कि वे सबूत दें कि मजीठा हलके में किसके साथ और कैसी दबंगई (धक्केशाही) की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने स्पष्ट कहा कि अकाली दल के किसी भी उम्मीदवार—चाहे ज़िला परिषद के हों या ब्लॉक समिति के—किसी का भी नामांकन रद्द नहीं हुआ है। सभी नामांकन शांतिपूर्ण तरीके से दाख़िल हुए हैं। असलियत यह है कि अकाली दल को मजीठा में उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे!
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सुखबीर बादल बताएंगे कि चामुंडा देवी सर्कल जैसे कई इलाकों में क्या उनके पास उम्मीदवार हैं?
गिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अकाली दल का आंतरिक कलह इतना बढ़ गया है कि उन्हें मजबूरन SGPC के कर्मचारियों को चुनाव मैदान में उतारना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ढड्डे ज़ोन से भाजपा-अकाली गठबंधन को कोई उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए SGPC कर्मचारी स्वरूप सिंह को उतारा गया है। इसी तरह, पोंमा ज़ोन में भी एक SGPC कर्मचारी को नौकरी से निकालने की धमकी देकर जबरन चुनाव लड़वाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी उनके संपर्क में है और उसने बताया है कि “हम पर बहुत दबाव बनाया जा रहा है… हमने सिर्फ औपचारिकता के तौर पर कागज़ भरे हैं।”
गिल ने कहा कि मजीठा में अकाली दल की निश्चित हार को देखते हुए ही सुखबीर बादल को यहां आना पड़ा है, लेकिन अब उनकी हार तय है।
सुखबीर बादल द्वारा “स्कूटर पर घूमने” संबंधी टिप्पणी पर भी गिल ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक पंजाब को जिस तरह लूटा गया, उसी का नतीजा है कि आज अकाली दल नेताओं के पास फ़ार्महाउस, सुखविलास, चंडीगढ़ में कई मंज़िला कोठियाँ और गुरुग्राम में बड़ा होटल है।
“जनता सब जानती है। स्कूटर की बात करके वे पंजाब की जनता को गुमराह नहीं कर सकते,” गिल ने कहा।
उन्होंने दावा किया कि 14 दिसंबर को मजीठा की जनता अकाली दल की “झूठ और धक्केशाही की राजनीति” को पूरी तरह नकार देगी।






