नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026: भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती हुई बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा आज मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी हैं। ग्वालियर की रहने वाली 20 वर्षीय वैष्णवी ने पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारत के लिए डेब्यू कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
दिलचस्प बात यह है कि उनके पिता नरेंद्र शर्मा, जो पेशे से ज्योतिषी हैं, ने सालों पहले ही उनकी कुंडली देखकर भविष्यवाणी कर दी थी कि बेटी का भविष्य खेलों से जुड़ा होगा। चार साल की उम्र से खेलों की ओर रुझान रखने वाली वैष्णवी ने 11–12 साल की उम्र में मध्य प्रदेश के लिए अंडर-16 मुकाबला खेलकर अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की।
श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में वैष्णवी ने पांच विकेट लेकर संयुक्त रूप से भारत की सबसे सफल गेंदबाज का खिताब हासिल किया। हालांकि महिला प्रीमियर लीग की नीलामी में न चुने जाने से उन्हें निराशा हुई, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान बनाए रखा। इसी मेहनत का नतीजा रहा कि कुछ ही हफ्तों बाद उन्हें भारतीय टीम में पहली बार बुलावा मिला।
वैष्णवी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की जुझारू मानसिकता और स्मृति मंधाना के संतुलित खेल से प्रेरणा लेती हैं। उनका मानना है कि हर मैच के बाद खुद को फिर से शून्य से शुरू करना ही आगे बढ़ने की असली कुंजी है।






