अब 31 मार्च 2026 तक मिलेगा बकाया कर निपटाने का मौका
चंडीगढ़, 1 जनवरी 2026 : राज्य के व्यापारी वर्ग और उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ‘बकाया करों की वसूली संबंधी पंजाब एकमुश्त निपटारा योजना (OTS)-2025’ की समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है।
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (GTPA), पंजाब सहित विभिन्न हितधारकों की मांग पर इस विस्तार को औपचारिक मंजूरी दी। यह फैसला योजना को अब तक मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए लिया गया है। कर विभाग को इस योजना के तहत अब तक 6,348 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में विभिन्न टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तिथियां एक साथ होने के कारण करदाताओं पर काम का भारी दबाव रहा। इसके अलावा वैट असेसमेंट ऑर्डर की लंबित डिलीवरी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के चलते कई कारोबारियों के लिए दिसंबर की मूल समय-सीमा से पहले देनदारियों का सही आकलन करना मुश्किल हो रहा था।
OTS-2025, जिसे 1 अक्टूबर से लागू किया गया था, राज्य की सबसे बड़ी करदाता-हितैषी पहल बनकर उभरी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने कानूनी विवादों का निपटारा करना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना है। निर्धारित मांग के आधार पर करदाताओं को ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक की छूट के साथ-साथ मूल कर राशि पर भी बड़ी राहत मिल रही है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि समय-सीमा में यह विस्तार ईमानदार करदाताओं को जीएसटी से पहले के कानूनों (वैट और केंद्रीय बिक्री कर सहित) के तहत लंबे समय से लंबित विवादों को बिना मानसिक दबाव के निपटाने का सुनहरा अवसर देगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार व्यापार-हितैषी माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक समय बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी पात्र करदाता प्रशासनिक या समय की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे।”
वित्त मंत्री ने सभी पात्र कारोबारियों और राइस मिलरों से अपील की कि वे अपने बकाया निपटाने के लिए इस अंतिम अवसर का लाभ उठाएं और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत बिना किसी बोझ के करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 की नई समय-सीमा के बाद योजना का लाभ न लेने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ विभाग सख्त वसूली कार्रवाई शुरू करेगा।






