नई दिल्ली, 3 दिसंबर, 2025: केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन यूजर्स और मोबाइल निर्माताओं को बड़ी राहत देते हुए अपना एक महत्वपूर्ण फैसला वापस ले लिया है। संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) ने बुधवार को घोषणा की है कि अब नए स्मार्टफोनों में ‘संचार साथी‘ (Sanchar Saathi) ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार ने इस संबंध में जारी किए गए अपने पुराने आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है, जिससे मोबाइल कंपनियों और यूजर्स ने राहत की सांस ली है।
फैसला क्यों बदला गया?
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह फैसला ऐप की बढ़ती लोकप्रियता और यूजर्स द्वारा इसे अपनी मर्जी से अपनाने के रुझान को देखते हुए लिया गया है। सरकार ने महसूस किया कि लोग खुद ही डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं और ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं, इसलिए अब कंपनियों पर इसके प्री-इंस्टॉलेशन का दबाव बनाने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
सुरक्षा के लिए लाया गया था ऐप
सरकार ने दोहराया कि मूल आदेश का उद्देश्य नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचाना और सुरक्षा टूल्स तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना था।
‘संचार साथी’ ऐप को यूजर्स की मदद के लिए विकसित किया गया है, जिससे वे:
- फर्जी कनेक्शनों की पहचान कर सकें।
- गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक (Track) कर सकें।
मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि यह ऐप पूरी तरह से सुरक्षित (Secure) है और इसका मकसद केवल नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।
ऐप स्टोर पर रहेगा उपलब्ध
भले ही अनिवार्य शर्त खत्म कर दी गई हो, लेकिन यह ऐप बंद नहीं होगा। जो भी यूजर अपनी डिजिटल सुरक्षा बढ़ाना चाहते हैं, वह इसे ऐप स्टोरों (App Stores) से डाउनलोड कर सकते हैं। यह फैसला मोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो इसे निजता का उल्लंघन मान रहे थे।






