नई दिल्ली, 1 दिसंबर 2025। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को “हार की निराशा” से बाहर निकलकर संसद में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र देश के भविष्य और विकास के कार्यक्रमों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को संतुलित और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की तरह राष्ट्रहित में चर्चा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है, रुकावट डालने से नहीं।
पीएम मोदी का यह बयान हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत और विपक्ष की आलोचनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई।
जहां सरकार सत्र को सुचारू रूप से चलाने की रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में INDIA ब्लॉक के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी।
सरकार इस दौरान 10 नए बिल पेश करने जा रही है, जिनमें प्रमुख है ‘एटॉमिक एनर्जी बिल’।
पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) बिल, 2025’ और ‘सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस बिल, 2025’ पेश करेंगी।
विपक्ष ने सत्र के शुरू से ही सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
देश के 7 राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष पूरी तरह हमलावर है।
उसका आरोप है कि अत्यधिक काम के दबाव के चलते कई बीएलओ (BLO) की मौतें और आत्महत्याएँ हो रही हैं, जिसे वह संसद में जोरदार तरीके से उठाएगा।
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले ही बयानबाज़ी तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।






