चंडीगढ़, 15 मई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में चल रहे पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की ओर से आज वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत बाली ने अदालत में जोरदार दलीलें पेश कीं। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने अगली सुनवाई सोमवार (18 मई) तक के लिए स्थगित कर दी।
संजीव अरोड़ा के वकील पुनीत बाली ने अदालत को बताया कि इस मामले में एफआईआर 5 मई को दर्ज की गई थी, जबकि मंत्री को 9 मई को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दलील दी कि इस दौरान ईडी को मंत्री के खिलाफ कोई ठोस सबूत या आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
अदालत में यह भी कहा गया कि ईडी ने सुबह करीब 7 बजे मंत्री के घर पर छापा मारकर उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन दस्तावेजों में गिरफ्तारी का समय शाम 4 बजे दर्शाया गया है।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यदि दिनभर चली छापेमारी के दौरान ईडी को कोई संदिग्ध सामग्री मिली थी, तो उसे तत्काल सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश किया जाना चाहिए था।
वकील ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया गैरकानूनी तरीके से अपनाई गई और मंत्री संजीव अरोड़ा को गलत ढंग से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अदालत से मांग की कि अरोड़ा को ईडी हिरासत से तुरंत रिहा किया जाए।
हालांकि फिलहाल संजीव अरोड़ा को कोई राहत नहीं मिली है और मामले में आगे की बहस सोमवार को जारी रहेगी।






