काठमांडू, 01 मई 2026: नेपाल के नए और सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) अपने पहले आधिकारिक विदेश दौरे के लिए भारत आ सकते हैं। इस संभावित ऐतिहासिक यात्रा को लेकर नेपाल सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि बालेन सरकार की “पड़ोसी पहले” नीति को भी दर्शाता है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे को अंतिम रूप देने के लिए तीन चरणों में वार्ताएं आयोजित की जाएंगी। मई के दूसरे सप्ताह में दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक काठमांडू में होगी। इसके बाद नई दिल्ली में विदेश मंत्रियों के बीच बैठक कर दौरे के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। इन बैठकों के बाद ही प्रधानमंत्री के दौरे की आधिकारिक तारीखों की घोषणा की जाएगी।
नेपाल के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह ने नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। इस यात्रा की नींव लगभग तीन सप्ताह पहले एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक के दौरान रखी गई थी। उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल के बीच करीब 40 द्विपक्षीय तंत्र हैं, जिनमें से कई इस समय निष्क्रिय हैं और इस दौरे से उन्हें पुनर्जीवित करने की उम्मीद है।
नेपाल की राजनीति में यह परंपरा रही है कि नए प्रधानमंत्री अपना पहला विदेश दौरा भारत से शुरू करते हैं, हालांकि पिछले वर्षों में इसमें बदलाव भी देखने को मिला है। वर्ष 2008 में पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था, जबकि 2024 में के.पी. शर्मा ओली ने थाईलैंड का दौरा किया था।
अब 2026 में 35 वर्षीय बालेन शाह द्वारा भारत को प्राथमिकता देना दोनों देशों के संबंधों में नई गर्मजोशी का संकेत माना जा रहा है।
रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की जीत के बाद मार्च 2026 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके सख्त रुख और प्रशासनिक सुधारों के कारण वे खासकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।






