हांगकांग, 30 अप्रैल 2026: ईरान से जुड़े बढ़ते युद्ध तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता टूटने से हालात और अधिक अनिश्चित हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि Strait of Hormuz को दोबारा खोलने और संघर्ष के स्थायी समाधान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
जून डिलीवरी के लिए कच्चे तेल के अनुबंध की कीमत 6.2 प्रतिशत बढ़कर 125.36 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं जुलाई डिलीवरी के लिए अनुबंध 3.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 113.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। गौरतलब है कि फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने से पहले कच्चा तेल लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
विश्लेषकों का कहना है कि अब यह संघर्ष अपने नौवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इसके समाप्त होने के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी है, जबकि होरमुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
इस बीच, अमेरिकी वायदा बाजारों और एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।






