अमृतसर, 22 अप्रैल 2026 : सच्चखंड श्री हरिमंदर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानि रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी द्वारा उनके साथ मानसिक रूप से उत्पीड़न किया गया और उनके निजी सम्मान को ठेस पहुंचाई गई।
ज्ञानि रघबीर सिंह ने बताया कि हाल ही में जब वह अपनी सरकारी रिहाइश से अपना सामान शिफ्ट कर रहे थे, तब प्रबंधन की ओर से सेवादारों से लिखित रूप में यह साइन करवाया गया कि उनका सामान बिना जांच के बाहर न जाने दिया जाए। उन्होंने इस कार्रवाई को “बेहद घटिया और अपमानजनक” करार दिया।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति वर्षों से गुरु घर की सेवा कर रहा है, उसके निजी सामान की इस तरह तलाशी लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आम तौर पर तलाशी तब ली जाती है जब किसी गैरकानूनी वस्तु का संदेह हो, लेकिन यहां जानबूझकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की गई।
अपनी सेवा समाप्ति को लेकर उन्होंने खुलासा किया कि उनका दो साल से अधिक का कार्यकाल बाकी था, लेकिन 26 फरवरी 2026 को उन्हें जबरन रिटायर कर दिया गया, जबकि वह उस समय मेडिकल अवकाश पर थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर आने-जाने वालों की निगरानी की जा रही है और कर्मचारियों के माध्यम से उन पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वह मकान खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नई रिहाइश की मरम्मत के चलते उन्होंने 10-12 दिन का समय मांगा था। फंड से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 36 वर्षों तक गुरु रामदास जी के घर की सेवा की है। अगर कमेटी फंड जारी करती है तो ठीक है, अन्यथा वह गुरु के भरोसे हैं।
अंत में उन्होंने प्रबंधन से अपील की कि व्यवस्था में नैतिकता और मर्यादा बनाए रखी जाए।






