चंडीगढ़, 18 अप्रैल 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि वानिकी (Agroforestry) को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब किसान अपने खेतों में उगाए गए सफेदा (Eucalyptus) और पॉपुलर जैसे पेड़ों को सीधे हरियाणा वन विकास निगम (HFDC) के ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से बेच सकेंगे।
बिचौलियों का खेल खत्म, सीधे खाते में आएगा पैसा
हरियाणा वन विकास निगम के निदेशक मंडल की 146वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और HFDC के अध्यक्ष सुधीर राजपाल ने की।
इस नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
-
पारदर्शी प्रक्रिया: ई-नीलामी के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, जिससे किसानों को उनके पेड़ों की सही कीमत मिल सकेगी।
-
रिजर्व प्राइस तय करने की आजादी: निगम के अधिकारी पेड़ों का आकलन करेंगे, लेकिन किसानों के पास अपना ‘रिजर्व प्राइस’ (न्यूनतम मूल्य) स्वयं तय करने का भी विकल्प होगा।
-
सीधा भुगतान: नीलामी सफल होने के बाद, राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
-
न्यूनतम सर्विस चार्ज: किसानों से केवल 5 प्रतिशत सर्विस शुल्क लिया जाएगा, जबकि संस्थानों के लिए यह शुल्क 10 प्रतिशत होगा।
कैसे काम करेगा पोर्टल?
HFDC के प्रबंध निदेशक के.सी. मीणा ने योजना का खाका पेश करते हुए बताया कि पोर्टल का उपयोग करना बेहद सरल होगा:
-
इच्छुक किसान संबंधित महाप्रबंधक (GM) को आवेदन देंगे।
-
निगम के फील्ड अधिकारी पेड़ों की मार्किंग और वॉल्यूम का आकलन करेंगे।
-
पेड़ों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और देश भर के खरीदार इसमें बोली लगा सकेंगे।
-
यदि किसान बोली की राशि से सहमत होता है, तभी सौदा पक्का किया जाएगा।






