कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल ने किया शुभारंभ
लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की दिशा में पहला कदम
लहरागागा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बड़ा बढ़ावा
लहरागागा, 15 अप्रैल 2026: कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल ने लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले के तहत पहला कदम उठाते हुए यहां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की शुरुआत करवाई। पहले यह अस्पताल काफी जर्जर हालत में था, लेकिन अब इसके कायाकल्प के बाद यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इससे लहरागागा सहित 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों को लाभ मिलेगा।
सीएचसी लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन जनहित ट्रस्ट की यूनिट ‘आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च’ द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से लहरागागा की पहचान अब केवल संगरूर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस स्वास्थ्य संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है और इसी उद्देश्य के तहत इसे जनहित ट्रस्ट को सौंपा गया है, जिसका लक्ष्य सेवा करना है, न कि मुनाफा कमाना।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज मूनक और खनौरी क्षेत्रों को भी कवर करेगा और वहां के अस्पताल भी इसके अधीन संचालित होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि बड़े स्तर पर आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस परियोजना को यहां तक पहुंचाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग, एमडी और एमएस की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी सुविधाओं की कमी के कारण डॉक्टर नहीं बन पाते थे, लेकिन अब वे अपने सपने साकार कर सकेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण लोगों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार जान का नुकसान हो जाता था। अब ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि जैन समुदाय द्वारा स्थापित इस मेडिकल कॉलेज में दाखिले और सीटों के वितरण में राज्य सरकार के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। फीस संरचना भी सरकार के नियमों के अनुसार ही होगी।
यह मेडिकल कॉलेज 100 एमबीबीएस सीटों और कम से कम 440 बेड की क्षमता के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और पंजाब को मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाना है।
इस मौके पर जनहित ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. धर्मपाल जैन, ट्रस्ट सदस्य डॉ. रजनीश जैन, एसडीएम राकेश प्रकाश गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर, नगर परिषद अध्यक्ष कांता गोयल, गौरव गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।






