चंडीगढ़, 7 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी इंदरबीर सिंह, जो वर्तमान में डीआईजी के पद पर तैनात हैं, के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। उन पर ड्रग्स और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं।
गृह विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद अब पंजाब विजिलेंस ब्यूरो अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहा है और जल्द ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब इंदरबीर सिंह पर रिश्वत लेने और कथित तौर पर ड्रग तस्करों की मदद करने के आरोप लगे थे। तरनतारन में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में उन पर एक नशा तस्कर को कानूनी कार्रवाई से बचाने का आरोप है।
इसके अलावा, एक अन्य आरोप में कहा गया है कि उन्होंने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को झूठे नशा मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने की कोशिश की थी।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की लंबे समय से जांच कर रहा था, लेकिन अधिकारी के उच्च पद के चलते अभियोजन के लिए सरकार की औपचारिक मंजूरी जरूरी थी। अब मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी जल्द ही सभी सबूत और दस्तावेज अदालत में पेश करेगी।






