डुनेडिन, 04 अप्रैल 2026: न्यूज़ीलैंड के डुनेडिन की एक अदालत ने लुधियाना के 27 वर्षीय युवक गुरजीत सिंह की निर्मम हत्या के मामले में जालंधर निवासी राजिंदर सिंह को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि दोषी को कम से कम 17 साल 6 महीने तक बिना पैरोल जेल में रहना होगा।
जानकारी के मुताबिक, 29 जनवरी 2024 की रात राजिंदर सिंह गुरजीत के घर में घुस गया और उस पर चाकू से 46 वार कर उसकी हत्या कर दी। दो साल तक चले मुकदमे के बाद आखिरकार गुरजीत के परिवार को न्याय मिला।
सज़ा सुनाते हुए जस्टिस डनिंघम ने आरोपी को पीड़ित परिवार और उसकी पत्नी को 8,000 डॉलर से अधिक का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया।
गुरजीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और 2016 में बेहतर भविष्य की तलाश में न्यूज़ीलैंड गया था। उसके पिता निशान सिंह ने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए उन्होंने अपनी ज़मीन तक बेच दी थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस घटना ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है।
पुलिस के अनुसार, गुरजीत का शव उसके घर के बाहर मिला था। घटनास्थल पर टूटी खिड़कियों के शीशे इस बात का संकेत देते हैं कि वह अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। इस मामले की जांच में लगभग 80 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से कुछ कई दिनों तक मौके पर डटे रहे। सीसीटीवी फुटेज और डीएनए सबूत इस केस में अहम साबित हुए।
गुरजीत की मौत के बाद डुनेडिन में भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों ने ‘गिव अ लिटिल’ प्लेटफॉर्म के जरिए उसके पार्थिव शरीर को भारत भेजने और परिवार की मदद के लिए हजारों डॉलर जुटाए।
गौरतलब है कि गुरजीत सिंह की शादी इस घटना से मात्र आठ महीने पहले हुई थी। उनकी पत्नी हत्या के एक सप्ताह बाद न्यूज़ीलैंड पहुंचने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।






