जालंधर, 31 मार्च 2026: जालंधर के गांव सोहल जागीर में छह वर्षीय मासूम अर्शप्रीत सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी मां कुलविंदर कौर को उम्रकैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह दिल दहला देने वाली घटना 8 जून 2020 को हुई थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने अपने ही बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। बताया गया कि बच्चा अपनी दादी से बेहद लगाव रखता था और अक्सर उनके साथ सोने की जिद करता था, जिस कारण घर में विवाद रहता था।
अर्शप्रीत के दादा अवतार सिंह ने अपने बयान में बताया कि उनका पोता अपनी दादी चरणजीत कौर के बेहद करीब था। इसी बात को लेकर कुलविंदर कौर और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मां ने अपने बेटे की जान ले ली।
घटना की रात करीब 9:30 बजे, अवतार सिंह और उनकी पत्नी घर की लॉबी में बैठे थे, जबकि कुलविंदर कौर अपने बेटे के साथ कमरे में थी। अचानक बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वे कमरे में पहुंचे तो अर्शप्रीत खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था और आरोपी महिला के हाथ में सब्जी काटने वाला चाकू था।
आरोप है कि कुलविंदर कौर ने अपने बेटे के पेट में दो बार वार किया और मौके से फरार हो गई। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गवाहों के बयान, सबूतों और जांच के आधार पर अदालत ने कुलविंदर कौर को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें एक मां ने अपने ही मासूम बच्चे की हत्या की। ऐसे अपराध के लिए कड़ी सजा जरूरी है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए।






