मोहाली, 21 मार्च, 2026 : पंजाब के मोहाली जिले के गांव बरौली से आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहाँ हिंदू और सिख समुदायों ने मिलकर मुस्लिम भाइयों के लिए ‘रोज़ा इफ्तार‘ का आयोजन किया। इस आयोजन ने न केवल मानवता का संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि पंजाब की असली ताकत इसकी आपसी एकता में निहित है।
इफ्तार के समय अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ बैठे और अपना रोज़ा खोला। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद गर्मजोशी और दोस्ती से भरा रहा। स्थानीय निवासियों का कहना था कि यह आयोजन सिर्फ खान-पान तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आपसी प्यार, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक था।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की अग्रिम बधाई दी। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि:
- ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और आपसी मतभेदों को दूर करने में सहायक होते हैं।
- बरौली ने पूरे पंजाब को संदेश दिया है कि समाज की असली शक्ति भाईचारे में है।
- अंत में सभी ने देश में शांति, खुशहाली और अखंडता के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
यह ध्यान देने योग्य है कि बरौली में विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा इफ्तार पार्टियों का आयोजन करने की परंपरा पहले भी रही है। इस बार भी लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ नमाज अदा की और एक-दूसरे के उज्जवल भविष्य की कामना की।
“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना” – बरौली की इस पहल ने इस कहावत को पूरी तरह चरितार्थ किया है।






