पटियाला, 18 जून,2026: राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा पटियाला में ‘एनसीडब्ल्यू आपके द्वार’ पहल के तहत आयोजित जनसुनवाई में कई लंबे समय से लंबित मामलों में त्वरित एवं सार्थक हस्तक्षेप देखने को मिला, जिसने महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने स्वयं महिलाओं एवं उनके परिवारों की शिकायतें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न तथा जांच में हो रही लंबी देरी से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल तथा एसएसपी वरुण शर्मा के नेतृत्व में पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए श्रीमती रहाटकर ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आयोग के बीच समन्वय न केवल पीड़ितों को समय पर राहत प्रदान करता है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी मजबूत करता है।
कनाडा में एनआरआई महिला पर बर्बर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज
सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष प्रस्तुत सबसे गंभीर मामलों में से एक एक युवा महिला के माता-पिता से संबंधित था, जिस पर वर्ष 2024 में कनाडा में उसके पति द्वारा बर्बरतापूर्वक हमला किया गया था, जिससे उसे गंभीर मस्तिष्क चोटें आई थीं। पीड़िता का उपचार वर्तमान में कनाडा में जारी है।
परिवार ने आयोग को बताया कि यद्यपि कनाडा में इस संबंध में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था, लेकिन आरोपी पति भारत भाग आया था। लगभग दो वर्षों तक स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद उन्हें मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली।
शिकायत पर गंभीर संज्ञान लेते हुए माननीय अध्यक्षा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पटियाला को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। निर्देशों पर अमल करते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्यों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली।
पीछा करने और हमले के मामले में सख्त धाराएं जोड़ी गईं
एक अन्य मामले में एक युवा महिला ने आयोग को बताया कि उसका तथा उसके परिवार का उन व्यक्तियों द्वारा हिंसक हमला किया गया, जो कथित तौर पर उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। यद्यपि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी, लेकिन शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उचित कानूनी धाराएं नहीं लगाई गई थीं और उसे लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा था।
मामले की सुनवाई के बाद श्रीमती रहाटकर ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायतकर्ता का बयान तुरंत दर्ज करने तथा लागू होने वाली संबंधित धाराओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आयोग को सूचित किया कि शिकायतकर्ता के बयान के अनुरूप एफआईआर को संशोधित एवं विस्तारित कर दिया गया है।
लंबे समय से लंबित लापता महिला के मामले में जांच को नई दिशा
आयोग ने एक मां की याचिका भी सुनी, जिसकी विवाहित बेटी वर्ष 2022 से लापता है। शिकायतकर्ता ने लापता महिला के पति और उसके सहयोगी की संभावित संलिप्तता को लेकर आशंका व्यक्त की।
यह देखते हुए कि मामला कई वर्षों से अनसुलझा पड़ा है, माननीय अध्यक्षा ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच में तेजी लाने और बिना किसी देरी के सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने आयोग को बताया कि आगे की जांच को आगे बढ़ाने के लिए पति के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) मांगे गए हैं।
प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के माध्यम से समय पर न्याय सुनिश्चित करना
इन मामलों में देखने को मिली त्वरित कार्रवाई ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल की प्रभावशीलता को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को महिलाओं के अधिक निकट लाना और उनकी शिकायतों का बिना किसी अनावश्यक विलंब के समाधान सुनिश्चित करना है।
अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि प्रत्येक शिकायत न्याय व्यवस्था में एक महिला के विश्वास का प्रतीक होती है और उसका निपटारा त्वरित, निष्पक्ष तथा गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही, प्रभावी फॉलो-अप तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य करता रहेगा।
आयोग ने जनसुनवाई के दौरान जारी निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने में पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए सहयोग का भी स्वागत किया।






