नई दिल्ली, 26 मई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी करते हुए कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (CRCPL) और रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े मामले में की गई।
ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी ज़ीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर बने रॉयल एस्टेट ग्रुप के मुख्य कार्यालय सहित कई परिसरों में की गई।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की जांच पंजाब पुलिस द्वारा 19 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को देय वैधानिक भुगतान में कथित जानबूझकर चूक और लगभग 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक जमा कराने से जुड़ा है। मामला एसएएस नगर (मोहाली) के गांव कराला स्थित एक रिहायशी कॉलोनी परियोजना से संबंधित बताया गया है।
जांच एजेंसियों को शक है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जुटाई गई रकम को संबंधित कंपनियों और सहयोगी पक्षों के नेटवर्क के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया। ईडी ने कई कंपनियों के बीच संदिग्ध लेन-देन और फंड की लेयरिंग को भी चिन्हित किया है, जिनका संबंध रॉयल एस्टेट ग्रुप से बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली और सुमित बंसल समेत कई लोगों के आवासीय परिसरों पर भी छापेमारी की गई।
छापों के दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त किए हैं, जिनसे जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
ईडी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जब्त सामग्री की पड़ताल के बाद आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।