लुधियाना, 19 मई 2026:लुधियाना की स्पेशल यूएपीए अदालत ने वर्ष 2010 में दर्ज एक पुराने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी चरणजीत सिंह उर्फ पटियालवी को बरी कर दिया है। यह फैसला स्पेशल यूएपीए कोर्ट की जज सरू मेहता कौशिक द्वारा सुनाया गया।
जानकारी के अनुसार, थाना माछीवाड़ा में 23 जुलाई 2010 को एफआईआर नंबर 154 के तहत विस्फोटक अधिनियम की धारा 4 और 5 तथा यूएपीए की धाराओं 17, 18 और 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मोहाली जिले के गांव बूटा सिंह वाला निवासी चरणजीत सिंह उर्फ पटियालवी को आरोपी बनाया गया था।
गौरतलब है कि इसी मामले में सह-आरोपी गुरमेल सिंह बोबा को 7 मार्च 2012 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलज़ार द्वारा विस्फोटक अधिनियम के तहत 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वहीं चरणजीत सिंह को उस समय भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
बताया गया कि इस मामले में चरणजीत सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को मामले का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए थे। बाद में आरोपी को 24 अप्रैल 2022 को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में आरोपी की पैरवी एडवोकेट जसपाल सिंह मंजपुर,वकील आनंद कुमार, वकील मनजोत सिंह देयोल और वकील अर्शजोत सिंह ने की।






