पटियाला, 16 मई 2026: भाषा विभाग पंजाब द्वारा अपने मुख्य कार्यालय में महान पंजाबी सपूत श्री बलराज साहनी को समर्पित एक भावपूर्ण स्मृति समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला के पूर्व डीन डॉ. राजिंदरपाल सिंह बराड़ ने उनके पंजाबी साहित्य में योगदान पर विशेष व्याख्यान दिया, जबकि प्रसिद्ध फिल्म निर्माता डॉ. हरजीत सिंह ने “एक सफर एक दास्तान” शीर्षक से बनाई गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से बलराज साहनी के जीवन, कला और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में साहित्यकार, रंगकर्मी और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
भाषा विभाग के निदेशक श्री जसवंत सिंह ज़फ़र ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बलराज साहनी को महान पंजाबी सपूत कहना इस बात का प्रतीक है कि इस धर्मनिरपेक्ष व्यक्तित्व ने अपनी साहित्यिक और फिल्मी कृतियों के माध्यम से हमेशा भाईचारे, सामाजिक एकता और न्याय का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साहनी ने अपनी रचनाओं में आम लोगों के संघर्ष, उनकी एकता और उनके जीवन की वास्तविकताओं को आधार बनाया, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
डॉ. राजिंदरपाल सिंह बराड़ ने कहा कि आज कला का अधिकांश हिस्सा व्यावसायिक बन गया है, लेकिन बलराज साहनी ने “कला समाज के लिए” के सिद्धांत को अपनाया। उन्होंने बताया कि साहनी ने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी और वे साहित्य से हमेशा जुड़े रहे। उन्होंने कविता, नाटक और यात्रा-वृतांत लिखकर अपनी अलग पहचान बनाई। शुरुआत में उन्होंने अंग्रेज़ी में लेखन किया, लेकिन रवींद्रनाथ टैगोर की प्रेरणा से वे अपनी मातृभाषा पंजाबी में लिखने लगे। उनकी रचनाओं में समाजवादी विचार स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
फिल्म निर्माता डॉ. हरजीत सिंह ने कहा कि भाषा विभाग द्वारा बलराज साहनी को याद करने का यह प्रयास सराहनीय है। इसी आयोजन से प्रेरित होकर उन्होंने यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार की। इस फिल्म में साहनी के पंजाब से जुड़ाव, प्रीत नगर, अमृतसर और ढुडीके की यात्राओं, उनकी फिल्मों के अंशों और विभिन्न साहित्यिक व्यक्तित्वों के साथ उनके संबंधों को दिखाया गया है।
इस अवसर पर नवशरण कौर, सरबजीत सिंह, कुलबीर सूरी, हृदयपाल सिंह, मुख्तार गिल सहित कई व्यक्तित्वों ने बलराज साहनी से अपने पारिवारिक संबंधों और अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में जतिंदर कौर, केवली धालीवाल, देविंदर दमन, राजीव शर्मा सहित अन्य कलाकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अतिथियों को विभाग द्वारा शॉल और पुस्तक सेट देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन डॉ. सुखदर्शन सिंह चहल ने किया। इस अवसर पर कई साहित्यकार, कलाकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






