पीएम मोदी ने दी बधाई, केंद्र से हर सहयोग का भरोसा
नई दिल्ली/चेन्नई, 10 मई 2026 : तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को बधाई देते हुए केंद्र सरकार की ओर से राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “थिरु सी. जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई। उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य करती रहेगी।”
विजय, जिनका पूरा नाम चंद्रशेखर जोसेफ विजय है, ने चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में कई राजनीतिक नेता, फिल्म हस्तियां और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,विजय के माता-पिता एस. ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर तथा अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी इस मौके पर उपस्थित थीं।
विजय के साथ टीवीके के नौ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुना, केए सेंगोट्टैयन, केजी अरुणराज, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, टीके प्रभु और एस. कीर्तन शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले विजय ने राज्यपाल का स्वागत किया और मंत्रिमंडल के सदस्यों से परिचय करवाया।
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 234 में से 108 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया। इस जीत के साथ ही डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक वर्चस्व को बड़ा झटका लगा।
हालांकि टीवीके अपने दम पर बहुमत से कुछ सीटें दूर रही, लेकिन कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने राज्यपाल को सहयोगी दलों के समर्थन पत्र भी सौंपे।
‘थलापति’ के नाम से लोकप्रिय विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भारी जनसमर्थन जुटाया। कई राजनीतिक विश्लेषकों ने उनकी लोकप्रियता की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एवं अभिनेता एम. जी. रामचन्द्रन से की। वर्ष 2024 में टीवीके की स्थापना के बाद से विजय खुद को पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के विकल्प के रूप में पेश करते रहे हैं और सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता तथा जनकल्याण आधारित शासन की वकालत करते आए हैं।






