किट में 2 किलो चने की दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी और 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा – भगवंत सिंह मान
‘मेरी रसोई योजना’ का उद्देश्य गरीब परिवारों के रसोई खर्च को कम करना और पोषण स्तर में सुधार लाना है – भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य योजनाओं, मां-बहन सम्मान, खेतों के लिए दिन में बिजली और नहरी पानी सुनिश्चित कर हर वर्ग का जीवन बेहतर बना रही है – भगवंत सिंह मान
बिजली की तारों को भूमिगत करने का काम युद्ध स्तर पर जारी, जल्द पूरे पंजाब से खंभे हटाए जाएंगे – भगवंत सिंह मान
संगरूर, 9 मई 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर जिले के गांव भलवान से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए राशन किट वितरित कर ‘मेरी रसोई’ योजना की शुरुआत की। देशभर में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी पहलों में से एक इस योजना के तहत राज्य के लगभग 40 लाख गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राशन किट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह योजना संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, महिला कल्याण योजनाओं और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों के जरिए लोगों को वास्तविक राहत पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक कल्याण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर भी तेजी से काम कर रही है और आने वाले समय में पूरे पंजाब को “खंभा मुक्त” राज्य बनाने के लिए बिजली की तारों को भूमिगत किया जा रहा है।
योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने कल्याणकारी योजनाओं को सिर्फ गेहूं और दाल बांटने तक सीमित रखा, जबकि पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई में रोजमर्रा की जरूरत की सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को हर तीन महीने में विशेष राशन किट दी जाएगी, जिसमें सरसों का तेल, दाल, चीनी, नमक, हल्दी और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि यह योजना खास तौर पर महिलाओं और घरेलू जिम्मेदारियां संभालने वाले परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बन सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सरकार चाहती है कि हर घर तक प्रोटीन युक्त और पौष्टिक भोजन पहुंचे ताकि बच्चे कुपोषण का शिकार न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे परिवारों को घरेलू खर्च चलाने में बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में बचाया गया पैसा अब परिवार अपनी जरूरतों और जीवन स्तर सुधारने पर खर्च कर रहे हैं।
खेती और सिंचाई सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है ताकि उन्हें रात में खेतों की सिंचाई के लिए परेशान न होना पड़े।
उन्होंने बताया कि सरकार ने राज्यभर में लगभग 14 हजार किलोमीटर लंबी नहरों, रजबहों, खालों और पाइपलाइनों को पुनर्जीवित कर सिंचाई व्यवस्था मजबूत की है, जिससे भूमिगत जल संरक्षण में भी मदद मिली है।
महिला सशक्तिकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “मांवा-धियां सत्कार योजना” के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। इसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक सहयोग देना है ताकि वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना” के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करवा रही है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 35 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए जटिल बायोमेट्रिक सत्यापन की जगह फोटो आधारित सत्यापन शुरू किया है ताकि महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी न हो।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेअदबी विरोधी कानून से पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि इस कानून में सख्त सजा, भारी जुर्माना और उम्रकैद तक का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और इसे वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की संगतों ने इस कानून का स्वागत किया है और सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है ताकि जनता का पैसा स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जा सके।
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “आज संगरूर में हमने 40 लाख परिवारों की भलाई के लिए ‘मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना’ शुरू की है, जिसके तहत साल में चार बार राशन किट वितरित की जाएंगी ताकि बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके।”
उन्होंने कहा कि सरकार मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य योजना, महिलाओं के सम्मान, किसानों को दिन में बिजली और नहरी पानी जैसी सुविधाएं देकर हर वर्ग का जीवन आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं पर सिर्फ राजनीति की, जबकि उनकी सरकार ने उम्रकैद और 50 लाख रुपये जुर्माने वाला सख्त कानून लागू कर गुरु मर्यादा की रक्षा सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि “रंगला पंजाब” बनाने की दिशा में यह सफर लगातार जारी रहेगा।
आप सरकार का ऐतिहासिक कदम, 40 लाख परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा मजबूत कर घरेलू बोझ कम किया
‘मेरी रसोई योजना’ भगवंत मान सरकार के जनकल्याण और लोकहितकारी मॉडल को दर्शाती है, जो राजनीतिक बयानबाजी की बजाय आम परिवारों के सम्मान, पोषण और आर्थिक राहत को प्राथमिकता देता है।
बढ़ती महंगाई के बीच यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। सरकार ने खाद्य सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए सिर्फ गेहूं और राशन तक सीमित न रहकर पौष्टिक खाद्य सामग्री सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का कदम उठाया है।
पारदर्शी वितरण प्रणाली, मानक राशन किट और गरीब वर्ग तक व्यापक पहुंच के माध्यम से भगवंत मान सरकार ने स्वस्थ, मजबूत और समृद्ध पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, जहां किसी भी परिवार को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े।






