संगरूर, 4 मई 2026: पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री कीमती भगत ने कहा कि राज्य में गौधन की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले चार महीनों में सड़कों पर एक भी आवारा पशु दिखाई नहीं देना चाहिए।
जिला प्रबंधकीय परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर घूम रहे गौधन को जल्द से जल्द गौशालाओं में पहुंचाया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने पहले उन्होंने गांव झनेड़ी स्थित सरकारी कैटल पाउंड गौशाला का दौरा किया था, जहां पशुओं के प्रवेश से संबंधित समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद गौशाला में पशुओं की संख्या बढ़कर 354 हो गई है, लेकिन अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है।
कीमती भगत ने कहा कि पंजाब सरकार आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि पशुओं को उचित आश्रय और देखभाल मिल सके तथा मानव जीवन की हानि से बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि गौ सेस के रूप में एकत्रित राशि का उपयोग गौशालाओं के बेहतर संचालन के लिए किया जाना चाहिए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में सभी पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही झनेड़ी गौशाला में अधिक से अधिक खुरलियां बनाने और पानी व चारे की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने पंचायत विभाग को क्लस्टर बनाकर गौधन की देखभाल करने के लिए कहा और उन डेयरी फार्मों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए, जो पशुओं को सड़कों पर छोड़ते हैं।
बैठक के दौरान उन्होंने गौधन की देखभाल से जुड़े विभिन्न कानूनों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी और संबंधित पुस्तिका भी वितरित की।
उन्होंने अधिकारियों और आम जनता से अपील की कि वे गौ सेवा आयोग और पंजाब सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अंकुर महिंदरू, एसडीएम भवानीगढ़ मनजीत कौर, डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग सुखविंदर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






