फिरोजपुर, 3 मई 2026: आज के दौर में जहां नैतिक मूल्यों पर बातें अधिक और उनका पालन कम देखने को मिलता है, वहीं दास एंड ब्राउन वर्ल्ड स्कूल ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए ‘ऑनेस्टी डे’ के अवसर पर “ऑनेस्टी शॉप” की शुरुआत की है। यह अनोखी पहल विद्यार्थियों को किताबों से परे वास्तविक जीवन के मूल्य सिखा रही है।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रुचि पांडे ने बताया कि इस दुकान की सबसे खास बात यह है कि यहां कोई दुकानदार नहीं है। आवश्यक स्टेशनरी सामान प्रदर्शित किया गया है और छात्र अपनी जरूरत का सामान स्वयं लेते हैं और उसके बदले उचित राशि “ऑनेस्टी बॉक्स” में डालते हैं। इस प्रक्रिया में न कोई निगरानी होती है और न ही कोई दबाव—सिर्फ छात्रों की अंतरात्मा ही उनका मार्गदर्शन करती है।
उन्होंने कहा कि ईमानदारी मजबूत चरित्र और समाज में विश्वास की नींव होती है। यह आत्मसम्मान को बढ़ाती है और व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाती है। प्रतिस्पर्धा से भरी दुनिया में ईमानदारी का चयन करना ही असली ताकत और नैतिकता का परिचायक है।
डॉ. पांडे ने आगे कहा कि यह पहल न केवल ईमानदारी का मूल्य सिखाती है, बल्कि छात्रों में आत्म-अनुशासन, जिम्मेदारी और विश्वास की भावना भी विकसित करती है। हर बार जब कोई छात्र सही राशि जमा करता है, तो वह केवल सामान नहीं खरीदता, बल्कि अपने चरित्र को भी मजबूत बनाता है।
मूल्य-आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व को आकार देती है। “ऑनेस्टी शॉप” इसका जीवंत उदाहरण है, जहां ईमानदारी को केवल सिखाया ही नहीं जाता, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में अपनाया भी जाता है। यह छोटी सी पहल होने के बावजूद गहरा और दूरगामी प्रभाव छोड़ रही है, जो ईमानदार और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






