फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर द्वारा गांव जीतवाल खुर्द में लगाया गया शिविर
संगरूर, 30 अप्रैल 2026 : रासायनिक खादों के संतुलित उपयोग को ध्यान में रखते हुए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, संगरूर द्वारा गांव जीतवाल खुर्द में मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद डालने और फास्फोरस खाद के उचित प्रबंधन संबंधी किसान जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार गर्ग ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही खाद डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संतुलित खाद उपयोग से जहां खेती की लागत कम होती है, वहीं उत्पादन में भी वृद्धि होती है। उन्होंने मौके पर ही मिट्टी के नमूने लेने की विधि विस्तार से समझाई और प्रदर्शन करके दिखाया।
किसानों को यूरिया खाद का संयमित उपयोग करने तथा एक ही समय में अधिक मात्रा में खाद डालने से बचने की सलाह दी गई। उन्होंने आगे कहा कि धान की फसल में जिंक की कमी को पूरा करने के लिए अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें। जैविक खादों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि धान की पौध पर लगाया जाने वाला एज़ोस्पाइरिलम टीका उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की जैविक सेहत को भी सुधारता है।
डॉ. गर्ग ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा सिफारिश की गई किस्मों जैसे पीआर-131, पीआर-132, पीआर-126 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नई किस्म पीआर-133 के बारे में बताते हुए कहा कि यह किस्म रोपाई के लगभग 111 दिनों में पक जाती है। बासमती किस्मों में पूसा बासमती 1509 और 1847 के लिए खाद की जरूरत तथा झंडा रोग की रोकथाम हेतु बीज उपचार पर भी चर्चा की गई।
गांव के प्रगतिशील किसानों सरदार परमिंदर सिंह, जगजीत सिंह (प्रधान), संदीप सिंह और अन्य किसानों ने शिविर के आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। अंत में किसानों के लिए पीएयू लुधियाना द्वारा पीआर-126 का बीज, बायपास फैट और कृषि साहित्य की बिक्री भी की गई।
शिविर के दौरान किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए गए और किसानों ने मिट्टी परीक्षण करवाने के लिए सहमति भी जताई।






