राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक में तेजी, किसानों को अब तक 1818.31 करोड़ रुपये का भुगतान: लाल चंद कटारूचक्क
कहा, संगरूर जिले की 170 अनाज मंडियों में 9 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं आने की संभावना
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों और मजदूरों के आत्मसम्मान का विशेष ध्यान रखा जाए
संगरूर, 20 अप्रैल, 2026 : किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी और उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदकर निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सीधे उनके खातों में सुनिश्चित किया जाएगा। यह बात पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्य जीव मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने संगरूर दाना मंडी में खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए कही। इस अवसर पर संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भराज भी उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सुचारु और किसान-पक्षीय खरीद सीजन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल 2026 तक राज्य की सभी अनाज मंडियों में लगभग 38,72,735.53 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से लगभग 34,16,926.10 मीट्रिक टन विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा और 6,163.30 मीट्रिक टन व्यापारियों द्वारा 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा गया है। निर्देशों के अनुसार किसानों को अब तक लगभग 1818.31 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि संगरूर जिले की 170 मंडियों में 9 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं आने की संभावना है, जिसमें अब तक लगभग 4,00,238.97 मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। इसमें से लगभग 3,52,766 मीट्रिक टन की खरीद कर किसानों को 351.81 लाख रुपये की सीधी अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि मंडियों में लिफ्टिंग का कार्य सुचारु रूप से जारी है और अब तक लगभग 30,158.45 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हो चुकी है।
श्री कटारूचक्क ने आगे कहा कि इस सीजन में राज्य का लक्ष्य 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का है। उन्होंने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया और सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान किसानों को बारदाने की कमी, लिफ्टिंग और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं के कारण विरोध प्रदर्शन करना पड़ता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने पिछले चार वर्षों में इन समस्याओं का स्थायी समाधान कर मिसाल कायम की है।
मंडी में पहुंचे किसानों और आढ़तियों ने खरीद प्रक्रिया को सुचारु और निर्बाध बताते हुए कहा कि उनकी पूरी फसल की तुरंत खरीद कर ली गई और उन्हें समय पर भुगतान भी प्राप्त हो गया।
गेहूं और धान के खरीद सीजन के दौरान किसानों को सुविधाएं प्रदान करने की राज्य सरकार की नीति की सराहना करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के नौ सीजनों के दौरान हर बार खरीद प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है और इतने बड़े स्तर पर खरीद कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की राज्य की क्षमता पर उन्हें गर्व है।






