अमृतसर, 19 अप्रैल 2026: बैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने गए 1763 सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पंजाब वापस लौटेगा। यह जत्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अगुवाई में पाकिस्तान गया था।
इस जत्थे में पंजाब के विभिन्न जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल थे। जत्था आज दोपहर बाद भारत पहुंचने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान स्थित कई प्रमुख गुरुद्वारों के दर्शन किए, जो गुरु साहिबानों की पवित्र यादों से जुड़े हुए हैं।
इस धार्मिक यात्रा ने श्रद्धालुओं को अपनी आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सिख इतिहास और विरासत से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया। कुछ श्रद्धालुओं ने 1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से इन गुरुद्वारों की कहानियां सुनी थीं। अब खुद वहां जाकर माथा टेकने का अवसर मिलने से वे बेहद भावुक और खुश हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जत्था 10 अप्रैल को भारत से रवाना हुआ था और 19 अप्रैल को अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौट रहा है। उल्लेखनीय है कि जत्थे का कार्यक्रम पहले 12 अप्रैल को रवाना होकर 21 अप्रैल को लौटने का था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया।






