कहा: पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध
बेमौसम बारिश से नुकसान के मद्देनज़र केंद्र सरकार से खरीद मानकों में तुरंत छूट की मांग
पंजाब सरकार द्वारा करीब 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, जबकि राज्य में खपत मात्र 8 लाख मीट्रिक टन
खनौरी, 15 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार द्वारा रबी सीजन के दौरान किसानों की फसल की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत आज कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने खनौरी अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद की विधिवत शुरुआत की।
इस मौके पर मंत्री गोयल ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। लस्टर लॉस, दाने के आकार में कमी और बालियों के काले पड़ने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इन परिस्थितियों को देखते हुए खरीद मानकों में तुरंत राहत दी जाए, जैसे राजस्थान को दी गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार हर साल करीब 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करती है, जिसमें से केवल 8 लाख मीट्रिक टन की खपत राज्य के भीतर होती है, जबकि बाकी 117 लाख मीट्रिक टन गेहूं पूरे देश में भेजा जाता है। यह गेहूं एफसीआई के मानकों के अनुसार ही भेजा जाता है, जिससे कई बार दिक्कतें आती हैं। इसलिए इन मानकों में छूट जरूरी है।
मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गेहूं खरीद को लेकर भ्रामक बयानबाजी की जा रही है, जिस पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मंडियों में किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि मंडियों में किसानों के लिए पीने के पानी, बिजली, सफाई, बैठने और छाया की उचित व्यवस्था की गई है। साथ ही फसल की समय पर उठान और भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए आढ़तियों, खरीद एजेंसियों और प्रशासन के बीच पूरा समन्वय स्थापित किया गया है।
मंत्री गोयल ने मौके पर मंडी का दौरा कर खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि, आढ़ती और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।






