वृंदावन, 11 अप्रैल 2026 : उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में अब तक 10 पंजाबी श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि एक युवती समेत 5 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान पिछले 20 घंटों से लगातार जारी है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना की टीमें जुटी हुई हैं। सेना ने शुक्रवार देर रात पलटी हुई नाव को भी बरामद कर लिया।
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक नाव अचानक पलट गई। यह घाट श्री बांके बिहारी मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं, जिनमें मां-बेटा, चाचा-चाची और बुआ-फूफा भी शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे वाली जगह पर पानी की गहराई करीब 25 फीट है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता 40 लोगों की थी, लेकिन नाव चालक ने किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई थी। पोंटून पुल की मरम्मत कर रहे मजदूरों और अन्य नाव चालकों ने कुछ लोगों को तुरंत बचाया, जिसके बाद प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
पुलिस ने हादसे के करीब 6 घंटे बाद रात 9 बजे आरोपी नाव चालक पप्पू निषाद को गिरफ्तार कर लिया। नाव उसी की बताई जा रही है। वह जुगल घाट से श्रद्धालुओं को लेकर चला था और हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था।
इस दुखद घटना पर नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।






