चंडीगढ़ ,7 अप्रैल 2026:: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पारी का शंखनाद कर दिया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा करते हुए इसे ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी‘ (BRP) का नाम दिया है।
पंजाब के ‘खोए हुए गौरव‘ को वापस लाने का लक्ष्य
नवजोत कौर ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प के रूप में उभरेगी। सोशल मीडिया पर इस नई शुरुआत की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि यह एक ऐसी घोषणा है जिसका जनता लंबे समय से इंतजार कर रही थी। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब समान सोच वाले और साहसी लोग एकजुट होकर समाज में न्याय, शांति और प्रेम स्थापित करें।
सत्ताधारी और विपक्षी दलों के लिए खड़ी हुई चुनौती
पंजाब में वर्तमान में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस और भाजपा अपनी जमीन तलाश रही हैं। ऐसे में बीआरपी की एंट्री ने मुकाबला और दिलचस्प बना दिया है। नवजोत कौर ने वादा किया है कि वह पंजाब को फिर से ‘गोल्डन स्टेट‘ बनाएंगी, जहां लोगों को बिना किसी बाहरी दखल के आजादी और न्याय के साथ रहने का अधिकार होगा।
कांग्रेस से निष्कासन के बाद उठाया बड़ा कदम
गौरतलब है कि हाल ही में नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग किए जाने के गंभीर आरोप लगाकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया था। इसके बाद कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने उनके निष्कासन की पुष्टि की थी। कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग पर भी तीखे हमले किए थे।
आगामी रणनीति: नवजोत कौर ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही संगठन विस्तार को लेकर बड़ी घोषणाएं की जाएंगी। जानकारों का मानना है कि बीआरपी के आने से आगामी चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और ‘आप’ के समीकरण बिगड़ सकते हैं।
“एक ईश्वरीय शक्ति ने हमें एकजुट किया है ताकि हम उच्च चेतना के माध्यम से समाज की सेवा कर सकें। भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी हर राज्य में काम करने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।” — डॉ. नवजोत कौर सिद्धू






