कहा- मेरे खिलाफ सोची-समझी साजिश
नई दिल्ली: 4 अप्रैल, 2026 राज्यसभा में ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) के उप-नेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। चड्ढा ने एक नया वीडियो बयान जारी कर खुद पर लगे आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। एक जैसी भाषा, एक जैसे शब्द और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक समन्वित हमला है।” चड्ढा ने पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि वह उन पर लगा एक भी आरोप साबित करके दिखाए।
पार्टी द्वारा हटाए जाने के मुख्य कारणों पर सफाई देते हुए राघव चड्ढा ने विपक्ष के ‘वॉकआउट’ का समर्थन करने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चाई जानने के लिए राज्यसभा के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा सकते हैं, जो दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर चड्ढा ने तर्क दिया कि ‘आप’ के 10 में से 6 सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, क्योंकि प्रस्ताव के लिए केवल 50 सदस्यों के हस्ताक्षर ही काफी थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी नेता ने उनसे संपर्क नहीं किया था।
सरकार और प्रधानमंत्री से “डरने” के आरोपों पर पलटवार करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पिछले चार वर्षों में पंजाब के पानी, दिल्ली के प्रदूषण और टैक्स जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में पूरी मजबूती के साथ उठाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह संसद में करदाताओं के मुद्दे उठाने और अपना प्रभाव छोड़ने के लिए गए हैं, न कि ‘माइक तोड़ने और शोर मचाने’ के लिए। चड्ढा ने पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने खिलाफ फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश करना जारी रखेंगे। इस तीखे बयान के बाद ‘आप’ के भीतर की अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक तौर पर चरम पर पहुंच गई है।