चंडीगढ़, 3 अप्रैल 2026: उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मैदानी इलाकों के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। चिलचिलाती धूप के बाद अचानक आए इस बदलाव से हरियाणा के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने आज हरियाणा के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे दक्षिण-पश्चिमी जिलों में गरज के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जबकि अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जैसे उत्तरी जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रोहतक और सोनीपत सहित मध्य हरियाणा में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
बेमौसम की यह मार सीधे तौर पर फसलों पर भारी पड़ रही है। दो दिन पहले हुई ओलावृष्टि ने राज्य के करीब 100 गांवों में गेहूं, सरसों और चने की फसलों को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया था, और अब दोबारा हो रही बारिश ने कटाई के सीजन में संकट बढ़ा दिया है। मौसम विज्ञानी डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, फिलहाल राहत की उम्मीद कम है क्योंकि अप्रैल के पहले सप्ताह में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। 7 और 8 अप्रैल को पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों के तापमान और मौसम में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मौसम के बिगड़ते तेवरों को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल और मंडियों में पड़े अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और उसे ढंकने के लिए तिरपाल का इंतजाम रखें। इसके साथ ही, आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों या अस्थाई छतों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।






