Sunday, June 7, 2026
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पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा, मिलेट्स उत्पादन पर केंद्र का जोर

नई दिल्ली, 27 मार्च 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि देश पंजाब के किसानों का आभारी है, जिन्होंने हरित क्रांति के जरिए देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मिलेट्स (श्री अन्न) को पोषणयुक्त फसल बताते हुए इसके उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार फसल विविधीकरण के तहत मिलेट्स की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) के तहत वर्ष 2025-26 में पंजाब को 31.60 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 2025-26 में पंजाब के किसानों के लिए 103.75 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, ताकि उन्हें धान-गेहूं चक्र से हटाकर मिलेट्स, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की ओर प्रेरित किया जा सके।

सदन में यह भी जानकारी दी गई कि 2025-26 में 140 क्विंटल मिलेट्स के बीज वितरित किए गए हैं। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पीएलआई योजना के तहत देशभर में 793 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई, जिसमें पंजाब के कपूरथला, पटियाला और जालंधर के प्रोजेक्ट शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि पंजाब में भूजल दोहन और मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट एक गंभीर समस्या है, जिसे दूर करने के लिए मिलेट्स को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश में मिलेट्स उत्पादन 2021-22 के 160 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 185.92 लाख टन हो गया है।

इस दौरान सांसद सतनाम सिंह संधू ने Punjab Agricultural University Ludhiana में गुरु नानक देव जी के नाम पर मिलेट्स रिसर्च सेंटर स्थापित करने की मांग भी उठाई।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी दोहराया कि पराली जलाने से बढ़ते प्रदूषण के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है और पंजाब के किसान नई तकनीकों को अपना रहे हैं।

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