नई दिल्ली, 16 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों से अपने नागरिकों को निकालने के प्रयासों को तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को जानकारी दी कि ओमान के सोहर शहर में हुए एक हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, मस्कट स्थित भारतीय दूतावास मृतकों के परिवारों के संपर्क में है और उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए ओमान प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 2,20,000 भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। आज विभिन्न खाड़ी देशों से 45 विमानों के भारत पहुंचने की उम्मीद है। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद वहां से भी आज और कल तीन उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जबकि कुवैत का हवाई क्षेत्र अब भी बंद है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान से थल मार्ग के जरिए भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। अब तक 550 भारतीय नागरिक आर्मेनिया की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं, जिनमें 284 तीर्थयात्री शामिल हैं। इसके अलावा, 90 भारतीय नागरिक ईरान से अजरबैजान पहुंचने में सफल रहे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास छात्रों को सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित करने और वीजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।
वहीं, ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर राहत की खबर है। पोत परिवहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यूएई से 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय जहाज ‘जग लाडकी‘ सुरक्षित है और कल तक मुंद्रा पोर्ट पहुंच जाएगा। इसके अलावा, एलपीजी लेकर आ रहा जहाज ‘शिवालिक’ भी आज शाम तक भारत पहुंच जाएगा। वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में 22 भारतीय जहाजों पर 611 नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा पर सरकार निरंतर नजर रख रही है।






