अमृतसर, 6 मार्च 2026: सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने वार्षिक बजट सत्र की घोषणा कर दी है। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि संस्था का वार्षिक बजट 28 मार्च को तेजा सिंह समुद्री हॉल में दोपहर 2 बजे होने वाले जनरल सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।
अध्यक्ष धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी का मुख्य उद्देश्य सिख धर्म का प्रचार-प्रसार करना है। इसी कारण हर वर्ष की तरह इस बार भी बजट का सबसे बड़ा हिस्सा धर्म प्रचार कमेटी के लिए रखा जाएगा, ताकि गांवों और शहरों में अमृत संचार और गुरमत समागमों को और व्यापक रूप से आयोजित किया जा सके।
मीडिया से बातचीत के दौरान एडवोकेट धामी ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एक विशेष सब-कमेटी कार्य कर रही है। यह कमेटी बेअदबी के मामलों में सख्त कानून बनाने के लिए कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि आगामी बजट में धर्म प्रचार के अलावा एसजीपीसी के अधीन चल रही शैक्षणिक संस्थाओं, अस्पतालों और मानवता की सेवा से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए भी विशेष फंड रखने की संभावना है।






