चंडीगढ़, 03 मार्च 2026: चंडीगढ़ में संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। प्रशासन ने शहर में कलेक्टर रेट बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे 1 अप्रैल से जमीन और संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी संभावित है।
डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दरों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया गया। प्रस्ताव के अनुसार, शहर के विभिन्न सेक्टरों और क्षेत्रों में कलेक्टर रेट 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ाए जा सकते हैं।
प्रशासन अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिस पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। संशोधित दरें 1 अप्रैल से लागू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर रेट में पिछली बार बढ़ोतरी पिछले वर्ष की गई थी, जबकि 2021 और 2017 में भी संशोधन हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरें तीन से चार गुना तक बढ़ सकती हैं। कुछ सेक्टरों में कलेक्टर रेट मौजूदा दरों से करीब डेढ़ गुना तक बढ़ने का प्रस्ताव है।
यदि नई दरें लागू होती हैं, तो संपत्ति पंजीकरण महंगा हो जाएगा, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य रजिस्ट्रेशन शुल्क कलेक्टर रेट के आधार पर तय किए जाते हैं। इससे रियल एस्टेट बाजार और आम खरीदारों पर सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है। माना जा रहा है कि कुछ व्यावसायिक संगठनों और संपत्ति मालिकों की ओर से प्रस्तावित बढ़ोतरी पर आपत्तियां भी दर्ज कराई जा सकती हैं।






