धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश), 1 मार्च 2026: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का असर अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर भी दिखाई देने लगा है। लोकप्रिय पहाड़ी पर्यटन स्थल धर्मशाला में ठहरे विदेशी पर्यटक उड़ानों के बार-बार रद्द होने से चिंतित हैं। खासकर कांगड़ा हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी प्रभावित होने के कारण यात्रियों की वापसी योजनाएं गड़बड़ा गई हैं।
इज़राइली पर्यटक वीला ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें आज सुबह इज़राइल के लिए रवाना होना था, लेकिन उनकी फ्लाइट रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि इज़राइल में लोग शेल्टर में हैं और लगभग हर घर में शेल्टर की व्यवस्था है। उन्होंने शांति की अपील करते हुए कहा कि वह घर लौटने का कोई न कोई रास्ता तलाश लेंगी, भले ही इसमें कुछ दिन लग जाएं।
एनआरआई सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वे धर्मशाला घूमने आए हैं और सप्ताह के अंत में उनकी वापसी की उड़ान है। मौजूदा युद्ध जैसे हालात चिंता का विषय हैं और यदि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होती हैं तो उनके निजी कार्यक्रम प्रभावित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात जल्द सामान्य हों और हवाई अड्डे खुले रहें।
दिल्ली के सर्जन डॉ. विनय गुप्ता ने कहा कि पर्यटकों के पास सीमित समय होता है और यदि उड़ान रद्द हो जाती है तो उनके लिए तय समय में यात्रा पूरी करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की।
धर्मशाला ने वर्ष 2025 में 30 हजार से अधिक विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया, जो कोविड-19 महामारी के बाद सबसे अधिक संख्या रही।
गौरतलब है कि हाल ही में इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की मौत के बाद 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है।
इन घटनाक्रमों के चलते ईरान, इज़राइल और इराक के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसका असर वैश्विक हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है।






