इजराइल-ईरान के बीच मिसाइल हमलों से मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर
तेल अवीव/तेहरान, 28 फरवरी 2026: डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका ने ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” यानी बड़े सैन्य अभियान शुरू कर दिए हैं। यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए मिसाइल हमलों के बाद शुरू हुई है। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी इज़राइल की ओर मिसाइलों और ड्रोन की पहली बड़ी लहर के साथ जवाबी हमला करने का दावा किया है।
क्षेत्रीय प्रभाव और धमाके
ईरान: राजधानी तेहरान सहित देश के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बहरीन: बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया है। गृह मंत्रालय ने जुफैर इलाके को खाली करवाना शुरू कर दिया है, जहां अमेरिकी नेवल बेस स्थित है।
अन्य देश: कतर में एक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया है, जबकि अबू धाबी में भी धमाके की खबर सामने आई है। क्षेत्र के कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। 
स्कूल पर हमला: 24 छात्राओं की मौत
दक्षिणी ईरान के होरमोज़गन प्रांत के मिनाब शहर में एक प्राइमरी गर्ल्स स्कूल पर हुए इज़राइली हमले में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
नॉर्वे: विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है।
पाकिस्तान: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और मामले को तुरंत कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की अपील की है।
बेल्जियम: विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार के फैसलों की कीमत ईरानी नागरिकों को नहीं चुकानी चाहिए।
मध्य-पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।






