नई दिल्ली/लखनऊ, 22 फरवरी 2026: देश के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक अहम खबर है। अब टोल प्लाजा पर सिर्फ टोल टैक्स देना ही पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश समेत देश के प्रमुख मार्गों पर नया ‘ई-डिटेक्शन सिस्टम’ लागू किया जा रहा है।
इस सिस्टम के तहत यदि वाहन के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, तो टोल प्लाजा पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे तुरंत ई-चालान जारी कर देंगे। यह स्वचालित प्रणाली वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर केंद्रीय डाटाबेस के जरिए कुछ ही सेकंड में बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), फिटनेस और परमिट की वैधता की जांच करेगी।
नई प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान का संदेश सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।
जुर्माने की दरें भी कड़ी रखी गई हैं। वैध बीमा न होने पर 2,000 रुपये, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने पर 10,000 रुपये और फिटनेस प्रमाणपत्र न होने पर पहली बार 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी प्रकार बिना वैध परमिट के चल रहे वाहनों पर भी 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी दस्तावेजों की वैधता ऑनलाइन जांच लें और समय रहते उन्हें नवीनीकृत करवा लें, ताकि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और वाहन दस्तावेजों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसे जल्द ही देशभर के हाईवे नेटवर्क पर लागू किया जाएगा।






