सुरक्षा हालात की करेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा
जम्मू, 3 फरवरी 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 से 7 फरवरी तक तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं। इस दौरान वह सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा, राजनीतिक नेताओं से मुलाकात और विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अमित शाह 5 फरवरी को शाम करीब 5 बजे जम्मू पहुंचेंगे और सीधे लोक भवन जाएंगे, जहां वह उसी शाम राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करेंगे। 6 फरवरी की सुबह वह कठुआ जिले के हीरानगर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करेंगे और सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ द्वारा लगाए गए नए उपकरणों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर में लोक भवन, जम्मू में वह सुरक्षा स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
7 फरवरी की सुबह केंद्रीय गृह मंत्री जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना होंगे, जहां वह जम्मू-कश्मीर के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक यह एक महीने से भी कम समय में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर अमित शाह की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा होगी। इससे पहले 8 जनवरी को नई दिल्ली में सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई थी। इसके बाद 14 और 15 जनवरी को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने जम्मू का दौरा किया था।
6 फरवरी को होने वाली सुरक्षा समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के प्रमुख, नागरिक और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर सहित जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार पूरे जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अभियानों के माध्यम से आतंकवादियों को खत्म करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है, जिसकी इस उच्चस्तरीय बैठक में और समीक्षा किए जाने की संभावना है।
इस बीच किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र, कठुआ के बिलावर के ऊपरी इलाकों और अन्य क्षेत्रों में आतंकवादियों के खिलाफ तलाशी अभियान जारी है। चतरू में हुई गोलीबारी की घटना में एक जवान शहीद हुआ, जबकि सात अन्य घायल हो गए। रिपोर्टों के अनुसार मुठभेड़ में एक शीर्ष आतंकवादी घायल हुआ था, लेकिन वह भागने में सफल रहा। इससे पहले बिलावर क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के एक शीर्ष कमांडर को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को नई दिल्ली में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में अमित शाह ने सुरक्षा बलों को आश्वासन दिया था कि ‘आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहने और धारा 370 हटाए जाने के बाद प्राप्त उपलब्धियों को बनाए रखने के निर्देश दिए थे। गृह मंत्री ने दोहराया कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करने और आतंकवाद के पूर्ण खात्मे के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






