वित्त मंत्री हरपाल चीमा बोले—यह कानूनी राहत है, बरी होना नहीं
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026: पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। जहां शिरोमणि अकाली दल इसे बड़ी जीत बता रहा है, वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक कानूनी राहत है, न कि मामले से मुक्ति।
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। वह पिछले करीब सात महीनों से नाभा जेल में बंद थे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
इस मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मजीठिया बरी हो गए हैं। मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है और जांच एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं।”
हरपाल चीमा ने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन मामलों में जांच जारी हो, वहां जमानत को ‘बेगुनाही’ का प्रमाण मानना गलत है। उन्होंने दोहराया कि कानून अपना काम करेगा और सच्चाई अदालत के फैसले से सामने आएगी।






