चंडीगढ़, 24 जनवरी 2026: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूरे सेक्शन में अचानक लाइटें बंद हो गईं और रेल यातायात ठप हो गया। एहतियातन यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से रोक दिया गया और उन्हें चंडीगढ़ व पंचकूला की ओर बने वेटिंग एरिया में रुकने के निर्देश दिए गए।
जानकारी के अनुसार, स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए इन दिनों मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। सुबह करीब 10:30 बजे तेज हवाओं के कारण कॉनकोर्स एरिया को ढकने वाली करीब 20 फीट लंबी टीन की चादरें उखड़कर प्लेटफॉर्म पर गिर गईं। इनमें से तीन से चार चादरें हाई-वोल्टेज तारों में फंस गईं, जिससे शॉर्ट सर्किट हो गया और पूरे सेक्शन की बिजली सप्लाई ठप हो गई।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। एहतियात के तौर पर नई दिल्ली से आ रही शताब्दी एक्सप्रेस को घग्गर में, लुधियाना से आ रही पश्चिम एक्सप्रेस को मोहाली में रोका गया, जबकि दोपहर 12 बजे दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर ही रोक दिया गया।
करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहने के बाद, दोपहर 12:30 बजे रेलवे संचालन को फिर से शुरू किया गया। इस दौरान दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंची, चंडीगढ़-दिल्ली शताब्दी 30 मिनट देरी से रवाना हुई, जबकि पश्चिम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 4 घंटे लेट पहुंची। इसके अलावा चंडीगढ़-अंबाला पैसेंजर ट्रेन भी करीब 2 घंटे देरी से चली। दौलतपुर एक्सप्रेस भी देरी से संचालित हुई।
सुबह आए तेज तूफान का असर चंडीगढ़, खरड़, मोहाली, अंबाला और आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला, जहां कई जगह पेड़ गिरने, टीन की चादरें उड़ने और शॉर्ट सर्किट के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि कुछ समय बाद हालात पर काबू पा लिया गया और रेल व बिजली सेवाएं सामान्य कर दी गईं।






