ग्रेटर नोएडा हादसे से मचा हड़कंप
ग्रेटर नोएडा, 18 जनवरी 2026: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में बीती रात एक दर्दनाक हादसे में युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। घना कोहरा और सुरक्षा इंतजामों की कमी इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। गुरुग्राम निवासी युवराज कार से घर लौट रहा था, तभी कोहरे के कारण उसकी कार सड़क किनारे बने नाले की सीमा से टकराकर करीब 70 फुट गहरी, पानी से भरी खाई में जा गिरी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय इलाके में कोहरा इतना घना था कि कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। लोगों ने कार गिरने की आवाज और चीखें सुनीं, लेकिन दृश्यता शून्य होने के कारण तत्काल मदद नहीं पहुंच पाई। सूचना मिलने पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार और युवराज का शव बाहर निकाला गया।
हादसे से पहले युवराज ने अपने पिता राजकुमार को फोन कर मदद की गुहार लगाई थी। उसके अंतिम शब्द थे, “पिताजी, मैं डूब रहा हूं… मैं मरना नहीं चाहता, कृपया मुझे बचा लीजिए।” पिता ने लोकेशन ट्रेस कर मौके पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बेटे की मौत का सदमा सहन न कर पाने के कारण पिता मौके पर ही बेहोश हो गए।
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि सर्विस रोड पर न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही कोई चेतावनी संकेतक बोर्ड, जिससे घने कोहरे में खतरनाक मोड़ का अंदाजा लगाया जा सके। इसके अलावा नाले और गहरी खाइयों को भी ढंका नहीं गया था।
हादसे के बाद लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने आनन-फानन में गड्ढे को कूड़े से भरवा दिया। मृतक के पिता ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।






