अमृतसर (बटाला), 10 जनवरी 2026: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पहलगाम की दुखद घटना के बाद जम्मू-कश्मीर का पर्यटन और टूरिज्म सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ था, लेकिन अब हालात में सुधार हो रहा है और पर्यटक धीरे-धीरे वापस आने लगे हैं। वह अमृतसर में फुलकारी वूमेन्स ऑफ अमृतसर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे।
इस अवसर पर उमर अब्दुल्ला ने फुलकारी संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से कैंसर जागरूकता के लिए चलाया जा रहा अभियान प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं का प्रभाव बढ़ा है और इससे युवाओं को बचाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के साथ जम्मू-कश्मीर के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच भाईचारे और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में चाहे कोई भी मुख्यमंत्री हो, आपसी रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं। कभी-कभार रिश्तों में खटास आ जाती है, लेकिन उसे समय रहते दूर कर लिया जाता है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लेह-लद्दाख के साथ गलत किया गया है और जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेज को बंद करना बेहद निंदनीय है। अनुच्छेद 370 पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसके हटने के बाद कुछ बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए। आज भी आतंकवाद, बेरोजगारी और नशे की तस्करी जैसी समस्याएं खत्म नहीं हो सकी हैं। उन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदले जाने की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि हालिया बाढ़ से जम्मू-कश्मीर का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है, लेकिन अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला। रंजीत सागर डैम का पानी जम्मू-कश्मीर की ओर छोड़े जाने से कई लोगों को नुकसान उठाना पड़ा, जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो पाई है।






