झालावाड़ (राजस्थान): राजस्थान में एक आलीशान बंगला किसी बड़े कारोबारी या नेता का नहीं, बल्कि कुख्यात स्मैक तस्कर सादिक खान का निकला है। झालावाड़ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार’ के तहत इस बहु-करोड़ रुपये के बंगले को फ्रीज कर दिया है। सादिक राजस्थान–मध्य प्रदेश सीमा से स्मैक की तस्करी कर अकूत संपत्ति का मालिक बना।
पुलिस के अनुसार, सादिक खान के दादा मौज मोहम्मद मूल रूप से गडिया के रहने वाले थे। बाद में उसके पिता नियाज मोहम्मद परिवार सहित झालावाड़ के भालाटा क्षेत्र के चुवाड़िया गांव में आकर बस गए और खेती के साथ-साथ बकरियों व सोयाबीन का कारोबार शुरू किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी आड़ में नियाज मोहम्मद नशे की तस्करी में भी संलिप्त था, जिससे परिवार को काफी धन मिला, हालांकि वह कभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया।
जल्दी अमीर बनने की चाह में सादिक खान ने खुद नशा तस्करी का रास्ता अपनाया। केवल 12वीं तक पढ़ा-लिखा सादिक बेहद शातिर दिमाग का था और वह कभी सीधे तस्करी के सौदों में नजर नहीं आता था। उसने सप्लाई और डिलीवरी के लिए युवकों का एक गिरोह तैयार किया था, जो पकड़े जाने पर भी आसानी से बच निकलते थे।
सादिक पहली बार दिसंबर 2020 में पुलिस के रडार पर आया, जब बारां जिले के सदर थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों को पकड़ा गया। तलाशी में करीब 20 लाख रुपये की स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें यह नशीला पदार्थ चुवाड़िया निवासी सादिक खान से मिला था। इसके बाद पुलिस ने सादिक की तलाश में उसके घर छापा मारा, लेकिन वह फरार हो गया। यह मामला सादिक खान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहला दर्ज केस था।
पुलिस अब सादिक और उसके नेटवर्क की संपत्तियों की गहन जांच कर रही है और नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति पर आगे भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।






